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भा.कृ.अनु.प.– केंद्रीय कपास प्रौद्योगिकी अनुसंधान संस्थान
ICAR - Central Institute for Research on Cotton Technology

भाकृअनुप -केंद्रीय कपास प्रौद्योगिकी अनुसंधान संस्थान के नागपूर स्थित ओटाई प्रशिक्षण केंद्र (GTC) द्वारा भारतीय कपास की वैश्विक उपस्थिति को सशक्त बनाने हेतु “जिनर्स इंटरैक्शन मीटिंग” का आयोजन।

जिनर्स इंटरैक्शन मीटिंग की तस्वीर - 07 मई, 2025

भाकृअनुप - केंद्रीय कपास प्रौद्योगिकी अनुसंधान संस्थान के नागपूर स्थित ओटाई प्रशिक्षण केंद्र द्वारा 7 मई 2025 को “जिनर्स विचार विमर्श बैठक” का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य भारतीय कपास को वैश्विक स्तर पर बढ़ावा देना तथा उत्पादकता और रेशा गुणवत्ता में सुधार हेतु तकनीकी नवाचारों को प्रोत्साहित करना था। कार्यक्रम में डॉ. एस. के. शुक्ल, भावेश शाह, ललित कलंत्री, फास्ट रिटेलिंग के प्रतिनिधि, दिलिप ठाकरे , जिनिंग उद्योग एवं कपास निर्यात क्षेत्र के प्रतिनिधि उपस्थित रहे। डॉ. शेख मुख्तार मंसूरी, प्रभारी अधिकारी, ओटाई प्रशिक्षण केंद्र  ने अतिथियों का स्वागत करते हुए कार्यक्रम की रूपरेखा प्रस्तुत की। उन्होंने कपास खेती में मशीनीकरण की आवश्यकता पर विशेष बल दिया। अपने संबोधन में डॉ. एस. के. शुक्ल ने वैश्विक तथा भारतीय कपास उत्पादकता की तुलना करते हुए उत्पादन और रेशा गुणवत्ता सुधारने, लिंट प्रतिशत बढ़ाने, निर्यात में वृद्धि तथा आयात में कमी लाने के लिए तकनीकी उन्नति और किसानों में जागरूकता बढ़ाने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने भारत की निर्यात क्षमता को सुदृढ़ करने के लिए प्रभावी विपणन रणनीतियों और कपास ट्रेसबिलिटी के महत्व को भी रेखांकित किया।भावेश शाह ने सुझाव दिया कि गुणवत्तापूर्ण कपास उत्पादन करने वाले किसानों को जिनर्स द्वारा प्रीमियम मूल्य प्रदान किया जाना चाहिए। वहीं ललित कलंत्री ने संदूषण नियंत्रित कपास उत्पादन और वैश्विक प्रतिस्पर्धात्मकता बढ़ाने के लिए स्मार्ट तकनीकों को अपनाने पर बल दिया। फास्ट रिटेलिंग के प्रतिनिधियों ने भारतीय कपास को वैश्विक स्तर पर बढ़ावा देने में गहरी रुचि व्यक्त की तथा भारतीय कपास एवं वस्त्र क्षेत्र में उपलब्ध अवसरों और चुनौतियों पर चर्चा की। निर्यात उद्योग के प्रतिनिधियों ने भारतीय कपास की बढ़ती वैश्विक मांग पर प्रकाश डाला, जबकि जिनिंग उद्योग से जुड़े हितधारकों ने तकनीकी नवाचारों के माध्यम से स्थिरता सुनिश्चित करने पर जोर दिया। कार्यक्रम में सतत कपास उत्पादन के लिए मृदा स्वास्थ्य प्रबंधन तथा संतुलित उर्वरक उपयोग के महत्व पर भी चर्चा की गई। अंत में डॉ. सुजन अदाक द्वारा धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया गया।

 

Ginners Interaction Meeting Photo May 07, 2025

 

Ginners Interaction Meeting Photo May 07, 2025
2026-05-08T12:00:00
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